फिल्म थी मजबूर और इसके गीतकार है जावेद अख्तर .
कभी सोचता हूँ के मैं कुछ कहूँ
कभी सोचता हूँ के मैं चुप रहूँ
आदमी जो कहता है, आदमी जो सुनता है,
ज़िन्दगी भर वो सदायें पीछा करती हैं
आदमी जो देता है, आदमी जो लेता है
ज़िन्दगी भर वो दुआयें पीछा करती हैं
कोई भी हो, हर ख्वाब, तो सच्चा नहीं होता, बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता
कभी दामन छुड़ाना हो तो मुश्किल हो
प्यार के रिश्ते टूटे तो, प्यार के रस्ते छूटे तो
रास्ते में फिर वफायें पीछा करती हैं
आदमी जो कहता है,..................
कभी कभी मन धूप के कारण तरसता है
कभी कभी फिर झूम के सावन बरसता है
पलक झपके यहाँ मौसम बदल जाए
प्यास कभी मिटती नहीं, इक बूँद भी मिलती नहीं
और कभी रिमझिम घटायें पीछा करती हैं
आदमी जो कहता है, ........................