आज सजन मोहे अंग लगा लो जन्म सफल हो जाए हृदय की पीड़ा विरह की अग्नि सब शीतल जो जाए ,
आज सजन ...........
कई जुग से हैं जागे मेरे नैन अभागे ,
कही जिया नहीं लागे बिन तोरे
कोई सुख नहीं दीखे आगे, दुःख पीछे पीछे भागे
जग सूना सूना लागे बिन तोरे
प्रेम सुधा मोरे सांवरिया , सांवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो सब जल थल हो जाए
आज सजन ....................
मोहे अपना बना लो, हो मोहे अपना बना लो
मोरी बांह पकड़ मैं हूँ जन्म जन्म की दासी
मोरी प्यास बुझा दो मनोहर गिरिधर
मनोहर गिरिधर मैं हूँ अंतर्घट तक प्यासी
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो सब जल थल जो जाए
आज सजन .............