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बुधवार, 2 जून 2010

राष्ट्र और समाज को समर्पित मेरी एक कविता

इस बार मैं मेरे ईश्वर प्रेमी साधको से माफ़ी चाहूँगा क्योंकि ये कविता भक्ति या प्रेम के ऊपर नहीं हैं कुछ आदतवश भाव सकता हैं पर मैंने उस भाव को रोकने कि बड़ी कोशिश कि हैं देश ओर समाज में जो आजकल हो रहा हैं उससे कुछ बाते अच्छी हैं कुछ हौसला तोड़ देने वाली हैं सुरक्षा हमारे देश का बहुत अहम् मुद्दा बना हैं झूठी राजनीति के चलते थोड़ी निराशा भी होती हैं खैर कुछ भी हो , मुझसे कुछ गलत लिखा जाये तो कृपया माफ़ कर दे पसंद ना भी आये तो मेल कर दे , मैं सुधार करूँगा ब्लॉग पर पहली बार देश से सबंधित कविता लिखने जा रहा हूँ हौसला ना तोड़े :-

इतिहास बदलने वाले हाथ कलम घिस रहे हैं
दुष्ट नेताओ कि भीड़ में बेचारे संत पिस रहे हैं


अकल ना थी जिन्हें गधे चराने की , देश उनसे हंकवाया गया
ना कर पाई नपुंसक सरकारे देश की रक्षा , तभी जल्दी मुआवजा बांटा गया

जला दिया जिन्होंने घर मेरा , उनके ही घरो पर पानी छांटा गया
गलती जिन्होंने औरों की मानी, अपने गिरेबा में ना उनसे झाँका गया

हिन्दू मुस्लिम के मध्य में एक राष्ट्र धर्म कही खोता हैं
कांग्रेस ओर भाजपा में कही एक भारतीय रोता हैं

कमजोरो को यहाँ सबसे ऊंचे पदों पर बिठाया गया ,
लोकतंत्र कहाँ था जब एक मैडम का युवराज सराहा गया

कितना अन्याय गरीब लोगो पर ढाया गया
घर ना था जिनके पास ताज महल उनसे बनवाया गया

किसको फरियाद सुनाऊ, कहते कहते दिल भर आता हैं
पूरे दिन की मेहनत का फल रात में दर्द बन जाता हैं

दूध पिलाती माए देखि , खून सने अरमान लिए
देश को तोड़ने वाले सदा यहाँ शहीद सा सम्मान जिए

क्यों एक आतंकवादी पर सोलह करोड़ स्वाहा हो गया
देश भक्त करकरे तो पल भर में भगवान् को प्यारा हो गया

कौन देगा जवाब क्या किसी सरकार कि कोई जवाबदेही नहीं हैं
घोषनाओ में ही दीखता बस विकास , बदली क्यों फिजा नहीं हैं

कितनी करू मैं ज्ञान की बाते , जब पागल मुझे बताया गया
राम को मेरे नकार दिया जिन्होंने ,
धर्मनिरपेक्षता
का सिक्का उनका चलाया गया

अब बस इतने पर ही विराम लगा लेता हूँ , क्योंकि फिर विवादस्पद सा लिखा जायेगा ओर एक पार्टी विशेष की ढुलमुल नीति ओर भ्रष्टाचार को लेकर उदासीनता पर ही केन्द्रित हो जायेगा , जो मैं अपनी एकाग्रता खोने की कीमत पर नहीं कर सकता हैं । मैं हमेशा इस विषय पर लिखने से बचता हु , पता नहीं आज क्यों लिखा गया । मैंने वही लिखने की कोशिश की हैं जो आज तक सच महसूस किया हैं ।
जय हिंद जय भारत ,

सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू । पल पल मुश्किल होती जिंदगी आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी जी जी कर भी क्या हासिल ...