
राम जी का वंश या सूर्य वंश भी कह सकते हैं क्योंकि सातवे मनु सूर्य के पुत्र थे।
इनका वंश सतयुग से प्रारम्भ होता है । जो राम के जन्म के बाद महाभारत के युद्ध यानी कलियुग के शुरू तक रहता है । कृपया देखे
महाराजा मनु के पुत्र हुए राजा इक्ष्वाकु । इक्ष्वाकु के एक भाई थे राजा नृग जो अपनी दानशीलता के कारन प्रसिद्ध थे । हालाँकि उन्हें एक बार दान दोष के कारन गिरगिट बनाना पड़ा और फ़िर भगवन कृष्ण ने उनका उद्धार किया।
राजा इक्ष्वाकु की पंद्रहवी पीढ़ी में युवनाश्व हुए । उनके पुत्र मान्धाता हुए, मान्धाता के पुत्र मुचुकंद हुए । ये वोही मुचुकंद है जिनका भगवन कृष्ण ने कालयवन को मारने के लिए प्रयोग किया था ।
मुचुकंद की पांचवी पीढ़ी में प्रसिद्ध सत्यवादी राजा हरीश चन्द्र हुए। उनके बेटे रोहिताश्व हुए ।
फ़िर रोहिताश्व के आठ पीढ़ी बाद राजा सगर हुए जिनके पुत्र असमंजस फ़िर अंशुमन फ़िर दलीप फ़िर भागीरथ क्रमशः चार पिता पुत्र हुए । भागीरथ वही हैं जो गंगा जी को पृथ्वी पर लेकर आए ।
इनका वंश सतयुग से प्रारम्भ होता है । जो राम के जन्म के बाद महाभारत के युद्ध यानी कलियुग के शुरू तक रहता है । कृपया देखे
महाराजा मनु के पुत्र हुए राजा इक्ष्वाकु । इक्ष्वाकु के एक भाई थे राजा नृग जो अपनी दानशीलता के कारन प्रसिद्ध थे । हालाँकि उन्हें एक बार दान दोष के कारन गिरगिट बनाना पड़ा और फ़िर भगवन कृष्ण ने उनका उद्धार किया।
राजा इक्ष्वाकु की पंद्रहवी पीढ़ी में युवनाश्व हुए । उनके पुत्र मान्धाता हुए, मान्धाता के पुत्र मुचुकंद हुए । ये वोही मुचुकंद है जिनका भगवन कृष्ण ने कालयवन को मारने के लिए प्रयोग किया था ।
मुचुकंद की पांचवी पीढ़ी में प्रसिद्ध सत्यवादी राजा हरीश चन्द्र हुए। उनके बेटे रोहिताश्व हुए ।
फ़िर रोहिताश्व के आठ पीढ़ी बाद राजा सगर हुए जिनके पुत्र असमंजस फ़िर अंशुमन फ़िर दलीप फ़िर भागीरथ क्रमशः चार पिता पुत्र हुए । भागीरथ वही हैं जो गंगा जी को पृथ्वी पर लेकर आए ।
भागीरथ की पाँच पीढ़ी बाद ऋतुपूर्ण हुआ । ये नल का दोस्त था , वही नल जिनके पत्नी दमयंती थी। नल का पोता सौदास हुआ । सौदास की छटी पीढ़ी में राजा खट्वांग हुए जिन्हें घोड़े के रकाब में पैर डालते डालते इस्वर की प्राप्ति हो गई थी । अब पिता पुत्र के क्रम से पढ़िए ....
खट्वांग > दीर्घबाहु >रघु >अज >दशरथ >श्री राम चन्द्र ।
श्री राम के पुत्र कुश की सोलहवी पीढ़ी में राजा मरू हैं । ये आज भी जीवित हैं। भगवन कल्कि के जन्म के समाये ये प्रकट है । अभी ये कलाप ग्राम में अज्ञात रहकर तपस्या कर रहे हैं । ये भीष्म पितामह के समकालीन हैं तथा भीष्म के चाचा देवापी के साथ रह रहें हैं । राजा मरू के छः पीढ़ी बाद ब्रह्द्व्ल हुए जिसे महाभारत में अभिमन्यु ने मारा था । ब्रह्द्व्ल की 31 वीं पीढ़ी में राजा सुमित्र अन्तिम राजा हुए ।
उम्मीद है मेरा प्रयास आपको सहायक होगा .