
जिसका सबको यकीन था वो नही हो पाया , सरल कुमार को एक लड़की ने पसंद कर ही लिया ।
हम लोगो से ज्यादा सरल कुमार को हैरानी हो रही थी । आख़िर लंगूर के हाथ एक हूर जो लग गई थी । पर कुछ सालो बाद पता नही क्या हुआ , हमें तो बस इतना ही पता चला कि बस एक एक लेटर ने दोनों को जुदा कर दिया । आइये एक एक करके इन दोनों को पढ़ते हैं । पहला लेटर सरल कुमार की पत्नी ने लिखा था उसका मसाला ये हैं :-
......
प्रिय सरल ( Ex-पतिदेव ),
मैं आपको आखिरी पत्र लिख रही हूँ । मैंने तुम्हारे साथ सात साल तक बहुत निभाया पर दो हफ्तों से मेरी जिंदगी नरक हो गई थी , इसीलिए मैंने तुमसे अलग होने का फ़ैसला ले लिया हैं , कई वजहे हैं जैसे :::
पिछले हफ्ते तुम्हारे बॉस ने बताया कि तुम बिना वजह अपनी जॉब छोड़ रहे हो ,भला इस recession में पाँच हज़ार कि जॉब कौन छोड़ देता हैं , जबकि लोग बिना तनख्वाह के जॉब कर रहे हैं । तुमने मेरे नए हेयर स्टाइल को देखा ही नही और मेरी नई ड्रेस को देखकर तो ऐसे भाव तुमने चेहरे पर लाये जैसे इसके पैसे तुमने दिए हो । उस दिन मैंने तुम्हारे लिए तुम्हारे प्रिय खास राजमा चावल बनाये थे । बिना कुछ कहे तुम सोने चले गए ।
धन्यवाद
तुम्हारी
प्रिया ( और हाँ मुझे ढूँढने कि कोशिश मत करना , क्योंकि मैं और हमारा नौकर रामू एक नई
जिंदगी कि शुरुवात करने जा रहे हैं । रामू कह रहा हैं कि सारा इंतजाम वो पिछले हफ्ते ही
कर चुका हैं , इसीलिए पैसे कि कोई दिक्कत नही होगी ।)
............................................................
अब सरल कुमार जी का जवाब पढ़ा तो समझ में आया , मसाला ये हैं
प्रिय प्रिया ,
तुम नही जानती इस पत्र ने मुझे कितनी खुशी दी हैं ।असल में पिछले दो हफ्ते से मेरे साथ बहुत कुछ अजीब हो रहा था , दिमाग ही काम नही कर रहा था । रामू ने पिछले हफ्ते दो हज़ार रुपये उधार मांगे थे । तुम्हारे ड्रेस पर दो हज़ार का टैग देख कर मैं तो पागल हो गया था । तुम्हारा नया हयेर स्टाइल लड़को जैसा था ।
ऊपर से तुम भूल गई कि राजमा चावल मुझे नही हमारे नौकर रामू को पसंद था । बताओ, इस बात पर मैं चुपचाप सोने चला गया तो मैंने क्या गलती की ।
पिछले दो हफ्ते से मेरे तीनो क्रेडिट कार्ड नही मिल रहे थे । तुम्हारे पत्र के बाद मैंने बंद करवा दिए हैं। शायद रामू के पास अब बस पैसे नही होंगे । कोई बाद नही तुम दोनों पति पत्नी किसी भी घर में नौकर और बाई बनकर खूब ऐश कर सकते हो।
जहाँ तक मेरी जॉब की बात हैं , पाँच करोड़ कि लॉटरी लगने के बाद कौन बुद्धू पाँच हज़ार के लिए जॉब करेगा । खैर मैं तुम्हे खुश देखकर खुश हूँ .
तुम्हारा Ex-पति
सरल कुमार
( और हाँ इस रामू के बारे में तरह तरह की अफवाह हैं , सबसे पहली तो ये हैं कि ये पहले "रीमा "
थी )