गुरुवार, 11 फ़रवरी 2010

भजन - आज सजन मोहे अंग लगा लो

ईश्वर प्रेम अद्भुत होता हैं । उसे हर जगह ढूंढना आसान नहीं होता । अपने सदगुरु बापूजी के श्री मुख से ही सुना था कि संतो के गुण दोष मत विचारिये बस सिर्फ अपने उद्धार के लिए उनके द्वारा बताई गयी बातों से कोई एक चुराकर अपनी बना लो और बस तर जाओ । ज्यादा तर्क बुद्धि से कुछ हासिल नहीं होगा । अभी एक भजन मिला जो प्यासा फिल्म का हैं जो साहिर लुधियानवी साहब ने लिखा हैं । फिल्मांकन हालाँकि वहीदा रहमान और गुरु दत्त पर ज्यादा हैं पर इसमें सन्दर्भ लिया गया हैं कि श्री राधा जी कृष्ण भगवान् से प्रार्थना करते हुए कहती हैं
आज सजन मोहे अंग लगा लो जन्म सफल हो जाए
हृदय की पीड़ा विरह की अग्नि सब शीतल जो जाए ,
आज सजन ...........

कई जुग से हैं जागे मेरे नैन अभागे ,
कही जिया नहीं लागे बिन तोरे
कोई सुख नहीं दीखे आगे, दुःख पीछे पीछे भागे
जग सूना सूना लागे बिन तोरे
प्रेम सुधा मोरे सांवरिया , सांवरिया
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो सब जल थल हो जाए
आज सजन ....................


मोहे अपना बना लो, हो मोहे अपना बना लो
मोरी बांह पकड़ मैं हूँ जन्म जन्म की दासी
मोरी प्यास बुझा दो मनोहर गिरिधर
मनोहर गिरिधर मैं हूँ अंतर्घट तक प्यासी
प्रेम सुधा इतनी बरसा दो सब जल थल जो जाए
आज सजन .............

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