वक्त ने किया क्या हसीं सितम हम रहे ना हम तुम रहे ना तुम
बेक़रार दिल इस तरह मिले जिस तरह कभी हम जुदा ना थे तुम भी खो गए हम भी खो गए एक राह पर चल के दो कदम , वक्त ने ...
जायेंगे कहाँ सूझता नहीं चल पड़े मगर रास्ता नहीं
क्या तलाश हैं कुछ पता नहीं बुन रहे हैं दिल ख्वाब दम बदम
दूसरा गीत
दिल के अरमान आसुओं में बह गए
हम वफ़ा करके भी तनहा रहा गए ..........................
जिंदगी एक प्यास बन कर रह गयी
प्यार के किस्से अधूरे रहा गए , दिल के अरमान .....
शायद उनका आखिरी हो ये सितम
हर सितम ये सोच कर हम सह गए , दिल के अरमान ....
खुद को भी हमने मिटा डाला मगर
फासले जो दरमियाँ थे रह गए , दिल के अरमान ........
