रविवार, 7 फ़रवरी 2010

दो गीत दर्द भरे -वक्त ने किया , दिल के अरमान

पहला गीत हैं वक्त ने किया क्या हसीं सितम जो फिल्म कागज़ के फूल का हैं । दूसरा हैं निकाह का सलमा आगा द्वारा गया हुआ । आशा हैं दर्द महसूस करने वालो को पसंद आयेंगे .

वक्त ने किया क्या हसीं सितम हम रहे ना हम तुम रहे ना तुम

बेक़रार दिल इस तरह मिले जिस तरह कभी हम जुदा ना थे
तुम भी खो गए हम भी खो गए एक राह पर चल के दो कदम , वक्त ने ...
जायेंगे कहाँ सूझता नहीं चल पड़े मगर रास्ता नहीं
क्या तलाश हैं कुछ पता नहीं बुन रहे हैं दिल ख्वाब दम बदम


दूसरा गीत
दिल के अरमान आसुओं में बह गए
हम वफ़ा करके भी तनहा रहा गए ..........................

जिंदगी एक प्यास बन कर रह गयी
प्यार के किस्से अधूरे रहा गए , दिल के अरमान .....

शायद उनका आखिरी हो ये सितम
हर सितम ये सोच कर हम सह गए , दिल के अरमान ....

खुद को भी हमने मिटा डाला मगर
फासले जो दरमियाँ थे रह गए , दिल के अरमान ........

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सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू । पल पल मुश्किल होती जिंदगी आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी जी जी कर भी क्या हासिल ...