शुक्रवार, 4 जून 2010

प्रेम कविता - ( भाग बारह ) (इश्वर से शिकायत भरी )

आजकल कई बार ईश्वर से बहस हो जाती हैंजीतना तो खैर उसने ही हैं , क्योंकि मेरे पास उसके जितने ताकतवर संत और ज्ञानी नहीं हैंपूरी दुनिया उसके समर्थन में खड़ी हैं और मैं कुछ गिने चुने दुखी लोगो की तरफ से प्रतिनिधि बना हुआ हूँपर फिर भी कोई बात नहीं , कम से कम हम सच्चे तो हैं जो ईश्वर की झूठी बड़ाई करके कुछ पाने का लोभ लेकर उसकी पूजा नहीं करतेठीक हैं आप भी इस बहस का लुत्फ़ उठाये और ईश्वर के समर्थन में खड़े हो जाये .........

आज ईश्वर से शिकायत भरा पत्र लिखने का मन हो आया
मदद तो करता नहीं फिर भी बना हुआ हैं मेरा हमसाया

सारा कुछ दांव पर लगाकर ईश्वर को अपनाया था
पर जब दर पर उसके पहुंचा तो लानत देकर भगाया था

उसे तो सुन्दर चेहरे , बड़ी कार वाले लोग ही प्यारे थे
आँखों में आंसू लिए मेरे जैसे तो सदा उसने दुत्कारे थे

ना हमारी आस्था में भौतिकता का जादू था
स्वर्ग की रौनक देख क्यों हमारा मन काबू था

वैरागी होने का झूठा ढोंग भी नहीं किया
जीवन में कुछ मिला नहीं अफ़सोस नहीं भरा

तुझे हम पसंद नहीं तो भी कोई शिकायत नहीं
ना प्यारी हमें भी तेरी गीता या कुरान की आयत नहीं

ना भक्ति ना ज्ञान ना कोई साधक मन चाहिए
नकली जिंदगी ना स्वीकारू मुझे असली मौत चाहिए

ना थी जिनमे गज भर ताकत तुने मीलो उनको बढाया था
मुझमे समन्दर जितना होंसला था पर तुने बूँद बूँद रुलाया था


जिंदगी जीने की अब मुझे हिम्मत मिलती नहीं
जब भी खड़ा हुआ मेरी जमीन हिलती रही

जिंदगी जीने की अब मेरे पास कोई वजह नहीं हैं
सच्चे मन से आवाज आई क्या ईश्वर भी कही हैं

अब हर बार तो मैं धीरज कहा से लाऊ
जहाँ वीरेन को सुकून मिले वो दुनिया बसाऊ

बस आपके श्री चरणों में इतना ही !!!!!!!!!!!!

4 टिप्‍पणियां:

Dr. C S Changeriya ने कहा…

jai shree krishana

bahut khub

achha he sikayat ka tarika

vandana gupta ने कहा…

बढिया शिकायत है।

kunwarji's ने कहा…

"तुझे हम पसंद नहीं तो भी कोई शिकायत नहीं
ना प्यारी हमें भी तेरी गीता या कुरान की आयत नहीं
ना भक्ति ना ज्ञान ना कोई साधक मन चाहिए
नकली जिंदगी ना स्वीकारू मुझे असली मौत चाहिए"

aadmi dusaro ki bahas me aanand hi leta hai ji....
dusaro ke dukh se sukhi hote log..


abhi itna hi...
aage fir kabhi likh paauga shaayad
kunwar ji,

स्वप्न मञ्जूषा ने कहा…

ishwar se aapki shikayat jayaz hai...
bahut sundar..

सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू । पल पल मुश्किल होती जिंदगी आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी जी जी कर भी क्या हासिल ...