सोमवार, 8 मार्च 2010

कुछ शेरो शायरी

ये एक मेल में दोस्त ने भेजी थी , सोचा था आप के साथ शेयर करूँ ।

चेहरे कि हसी से हर गम छुपाओ,
बहुत कुछ बोलो पर कुछ ना बताओ...
खुद ना रूठो कभी, पर सबको मनाओ
ये राज़ हैं ज़िन्दगी का, बस जीते चले जाओ

वाह प्रभु क्या तेरी लीला हैं :
चूहा बिल्ली से डरता हैं,
बिल्ली कुत्ते से डरती हैं,
कुत्ता आदमी से डरता हैं,
आदमी बीवी से डरता हैं,
बीवी चूहे से डरती हैं.



कौन किसको दिल में जगह देता हैं
पेड़ भी सूखे पत्ते गिरा देता हैं
वाकिफ हैं हम दुनिया के रिवाजों से
दिल भर जाये तो हर कोई भुला देता हैं


आखिर में उन दोस्तों के लिए जिनको मैं मेल वेल या अच्छी बातें भेजता रहता हूँ
एक दोस्त ने मुझ से पूछा ,
तुम सबको ईमेल / मेसेज भेजते हो - तुम्हे क्या मिलता हैं ?
मैंने हस कर कहा, देना लेना तो व्यापार हैं,
जो देकर कुछ ना मांगे, वो ही तो प्यार हैं।

1 टिप्पणी:

Randhir Singh Suman ने कहा…

जो देकर कुछ ना मांगे, वो ही तो प्यार हैं.nice

सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू । पल पल मुश्किल होती जिंदगी आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी जी जी कर भी क्या हासिल ...