ये गीत हृषिकेश मुखर्जी द्वारा निर्देशित फिल्म अनुपमा से लिया हुआ हैं । गीतकार हैं कैफ़ी आज़मी ( शबाना आज़मी के पिता ) और गायक हैं हेमंत कुमार । गाने का फिल्मांकन धर्मेन्द्र के लिए हुआ हैं । गीत की दर्द से ओत प्रोत पंक्तियाँ ये हैं
या दिल की सुनो दुनिया वालो या मुझको अभी चुप रहने दो
मैं गम को ख़ुशी कैसे कह दूँ जो कहते हैं उनको कहने दो
ये फूल चमन में कैसा खिला माली की नज़र में प्यार नहीं
हँसते हुए क्या क्या देख लिया अब बहते हैं आंसू बहने दो ,
या दिल की ..........
एक ख्वाब ख़ुशी का देखा नहीं देखा जो कभी तो भूल गए
माँगा हुआ तुम कुछ दे ना सके , जो तुमने दिया वो सहने दो ,
या दिल की ...
क्या दर्द किशी का लेगा कोई इतना तो किसी में दर्द नहीं
बहते हुए आंसू और बहे अब ऐसे तसल्ली रहने दो ,
या दिल की ....
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