शुक्रवार, 22 जनवरी 2010

पंथी हूँ मैं उस पथ का

यह गीत सिर्फ sad song सुनने वालो ने ही सुना होगा । और इसके दर्द को महसूस भी वही लोग कर सकते हैं जिन्होंने कदम दर कदम सिर्फ दुःख ही दुःख देखा होगा । मेरी यह पोस्ट आपको निराश करेगी क्योंकि इसमें कही से भी कोई positive aspect नहीं हैं । असल में किसी दुसरे के दुःख को कभी भी judge नहीं किया जा सकता ।
सिर्फ आपने अगर दुःख को जीया हो तो ही ढंग से sad songs के lyrics की बड़ाई करने का मन करता हैं ।
किशोर कुमार की आवाज़ में गाये गए इस गीत के बोल बहुत ही लाजवाब हैं

पंथी हूँ मैं उस पथ का , अंत नहीं जिसका
आस मेरी हैं जिसकी दिशा आधार मेरे मन का
संगी साथी मेरे अंधियारे उजियारे
मुझको राह दिखाए पलछिन के फुल्झारे
पथिक मेरे पथ के सब तारे
और नीला आकाश

इस पथ पर देखे कितने सुख दुःख के मेले
फूल चुने कभी खुशिओं के कभी कांटो से खेले
जाने कब तक चलना हैं मुझे इस जीवन के साथ
पंथी हूँ मैं उस पथ का ................

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