अस्सी के दशक में बनी सौतन फिल्म के गीत बहुत अच्छे हैं . एक गाना बहुत प्रसिद्ध हैं " जिंदगी प्यार का गीत हैं "।
दूसरा गाना जो राजेश खन्ना की दूसरी पत्नी पद्मिनी कोल्हापुरे अपनी सौतन टीना मुनीम के लिए गाती हैं और गाना खत्म होने के बाद पद्मिनी आत्महत्या कर लेती हैं । गीत के बोल ये हैं ,
मै तेरी छोटी बहना रे समझ ना मुझको सौतन
श्याम तेरे हैं तेरे रहेंगे मै तो उनकी जोगन
वहम का सागर अँधा सागर जिसका नहीं किनारा हैं
वहम ने जग में सबको डुबोया किसको पार उतारा
तेरा मन साजन का घर तू हैं उनकी धडकन
समझ ना मुझको सौतन
जिन राहों से वो गुजरे बस उन कदमो कि धूल को पूजा
मैंने उनको ईश्वर समझा दोष बता क्या और हैं दूजा
मैं पतझड़ कि सूखी पाती आन पड़ी तेरे आँगन
समझ ना मुझको सौतन
(अब पद्मिनी जहर खा लेती हैं और आखिरी पंक्तिया बोलती हैं )
अंतिम आज विदाई लेने लाडली बहना आई हूँ
मन में कोई मैल ना रखना इतना कहने आई हूँ
मेरी दुआ हैं लाख जन्म तक तू हो उनकी दुल्हन
इस के बाद पद्मिनी की मृत्यु हो जाती हैं । इसके बाद टीना मुनीम पद्मिनी के शव पर रोती हैं , फिर पृष्ठभूमि में पद्मिनी की भावनाओ को व्यक्त करता गीत उभरता हैं
अंतिम आज विदाई लेके लाडली बहना जाती हैं
मन में कोई मैल ना रखना बिनती करते जाती हूँ
मेरी दुआ हैं लाख जन्म तक तू हो उनकी दुल्हन
इसके बाद टीना मुनीम पद्मिनी के बच्चे को राजेश खन्ना की गोद में से अपनी गोद में ले लेती हैं।
शनिवार, 20 फ़रवरी 2010
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू । पल पल मुश्किल होती जिंदगी आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी जी जी कर भी क्या हासिल ...
-
सुबह सुबह लोग भक्ति के संगीत में डूबने का नाटक करते हुए उस भगवान् को बेवक़ूफ़ बनाते हैं जो हम सबसे ज्यादा चालाक हैं और...
-
सबसे पहले तो आप का धन्यवाद जो आपने अपना कीमती समय ख़राब करने की ठान ही ली हैं । दूसरा सरल कुमार जी बेचारे महत्वाकांक...
-
सुबह सुबह फेसबुक पर अपडेट कि हैं सोचा यहाँ भी डाल देता हू । पल पल मुश्किल होती जिंदगी आसान लगती हैं प्रभु तेरी बंदगी जी जी कर भी क्या हासिल ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें