बचपन से लेकर आज तक कई बयान या खबरे हमें बहुत ही बोर करती हैं ।हमें पता नहीं इनकी आदत सी हो जातीहैं । पर सच में ये हमारे देश का दुर्भाग्य हैं की हमें ये सब झेलना पड़ता हैं
जैसे
कश्मीर भारत का अभिन्न अंग हैं ।
हालाँकि सेना हटाकार देखें कितना कश्मीर हमारा हैं । और जो सेना के अधिकार क्षेत्र में हैं वह भी चालीस प्रतिशत से ज्यादा नहीं हैं ।
पाकिस्तान से विदेश सचिव स्तरीय वार्ता शुरू
पता नहीं साथ सत्तर साल से किसको बेवक़ूफ़ बनाया जा रहा हैं
पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाब देंगे ।
फिर दे क्यों नहीं रहे हो
भारतीय टीम के प्रदर्शन ने देश को निराश किया ।
क्या सिर्फ ग्यारह लोग जो एक तरह से बिज़नस मैन ही हैं या चलती फिरती कम्पनी हैं । वाकई हमारे सुख दुःख में जिम्मेदार हैं । ऐसी मूर्खता हमारे देश में ही होती हैं । हम सब जानते हैं कि क्रिकेट पेशेवर खेल हैं , क्रिकेट बोर्ड का सरकार से कोई सम्बन्ध नहीं हैं फिर उनकी हार से देश को क्या घाटा हैं । जीत गए तो ठीक पर हार गए मुह छोटा करने कि क्या जरुरत हैं । ओलम्पिक खेल लगभग सीधे देश की सरकार या प्रतिष्ठा से जुड़े हैं क्योंकि इसमें देश के लोगों से प्राप्त income tax से ही सरकार ग्रांट देती हैं । क्रिकेट तो एक पैसा भी सरकार से नहीं लेता हैं । यह तो लगभग एक कम्पनी की तरह काम करता हैं ।
सरकार महंगाई पर काबू पा लेगी ।
पूरे पचास साल में जितना बेहूदापन इस बयान को लेकर हुआ हैं वो अपने आप में रिकॉर्ड हैं । सबसे ज्यादा गैर जिम्मेदार बयान इसी मुद्दे को लेकर होते हैं । सरकार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ाने के लिए बहाने बनाती हैं की कच्चे तेल की कीमत बढ़ गयी , कच्चे तेल की कीमत अगर पांच प्रतिशत बढती हैं तो सरकार पांच रुपये बढ़ा देगी लेकिन अभी एक साल पहले आर्थिक मंदी के वजह से कच्चे तेल की कीमत पचास प्रतिशत गिरी तो सरकार ने बस पांच रुपये ही घटाए । और एक महत्वपूर्ण बात यह हैं की जब तेल की कीमत बढती हैं तो सब चीज़ों के कीमत बढती हैं क्योंकि सारा सामान वाहनों से ही लाया जाता हैं । लेकिन जब तेल की कीमत घटती हैं तो भी दूसरी चीज़ों की कीमत घटती नहीं हैं क्योंकि इस पर नियंत्रण का काम सरकार का हैं और वो कभी भी इस पर नियंत्रण नहीं करती हैं , बस एक तरफ़ा तेल कम्पनिओं को फायदे के हित के लिए नीतियां अपनाती हैं .
शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010
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1 टिप्पणी:
सर,क्रिकेट तो मैंने सुना है के एक धार्मिक संस्था के रूप में रजिस्टर्ड है जिसने टैक्स भी अभी कुछ सालो से ही देना शुरू किया है!
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